कुर्बान में उनकी बक्शीश के मकसद भी जुबां पे लाया नहीं
बिन मांगे दिया और इतना दिया दामन में हमारे समाया नहीं
जितना दिया सरकार ने मुझको उतनी मेरी औकात नहीं
यह तो कर्म है उनका वरना मुझ में तो ऐसी कोई बात नहीं
जहां है वो फरिश्तों का वहां साया नहीं जाता
किसी से उनकी मंजिल का
मोहब्बत के लिए, कुछ, खास दिल, मकसूस होते हैं
ये वो नगमा है जो
ये वो नगमा, है जो, हर साज पर, गाया नहीं जाता
किसी से उनकी मंजिल का पता
तेरा बनके, किसी से, मांगने, जाया नहीं जाता
किसी से उनकी मंजिल का
मेरे टूटे हुए, पैरों तलब का, मुझ पे ऐसा है
किसी से उनकी मंजिल का
मोहबत, की नहीं जाती, मोहबत, हो ही जाती है
मोहबत की नहीं जाती, मोहबत हो ही जाती है
ये शोला, खुद भड़कता है, इसे, भड़काया नहीं जाता