Sunday, February 25, 2024

किसी से उनकी मंजिल का पता पाया नहीं जाता




कुर्बान में उनकी बक्शीश के मकसद भी जुबां पे लाया नहीं
बिन मांगे दिया और इतना दिया दामन में हमारे समाया नहीं
जितना दिया सरकार ने मुझको उतनी मेरी औकात नहीं
यह तो कर्म है उनका वरना मुझ में तो ऐसी कोई बात नहीं

किसी से, उनकी मंजिल का, पता, पाया नहीं जाता
जहां है वो फरिश्तों का वहां साया नहीं जाता
किसी से उनकी मंजिल का

मोहब्बत के लिए, कुछ, खास दिल, मकसूस होते हैं
मोहब्बत के लिए कुछ खास दिल मकसूस होते हैं
ये वो नगमा है जो
ये वो नगमा, है जो, हर साज पर, गाया नहीं जाता
ये वो नगमा है जो हर इक साज पर गाया नहीं जाता
किसी से उनकी मंजिल का पता
 
फकीरी में भी, मुझको मांगने में, शर्म आती है
फकीरी में भी मुझको, मांगने में शर्म आती है
तेरा बनके, किसी से, मांगने, जाया नहीं जाता
तेरा बनके, किसी से haथ फैला,या) नहीं जाता
किसी से उनकी मंजिल का

मेरे टूटे हुए, पैरों  तलब का, मुझ पे ऐसा है
मेरे टूटे हुए, पैरों तलब का, मुझ पे ऐसा है
तेरे दर से, उठके, ab कहीं,जाया नहीं जाता
किसी से उनकी मंजिल का

मोहबत, की नहीं जाती, मोहबत, हो ही जाती है
मोहबत की नहीं जाती, मोहबत हो ही जाती है
ये शोला, खुद भड़कता है, इसे, भड़काया नहीं जाता
 


Wednesday, September 20, 2023

रफ्ता रफ्ता वो मेरे हस्ती का सामां हो गये

रफ्ता रफ्ता वो मेरे हस्ती का सामां हो गये
रफ्ता रफ्ता वो मेरे हस्ती का सामां हो गये
पहले जां फिर जाने जां फिर जाने जाना हो गये
रफ्ता रफ्ता वो मेरे हस्ती का सामां हो गये
 
दिन ब दिन बढती गई उस हुस्न की रा नाईयां
दिन ब दिन बढती गई उस हुस्न की रा नाईयां
पहले गुल फिर गुलबदन फिर गुलबदाना हो गये
रफ्ता रफ्ता वो मेरे हस्ती का सामां हो गये
 
आप तो नजदीक से नजदीक तर आते गये
आप तो नजदीक से नजदीक तर आते गये
पहले दिल फिर दिलरुबा फिर दिल के मेहमां हो गये
रफ्ता रफ्ता वो मेरे हस्ती का सामां हो गये
 
प्यार जब हद से बढ़ा सारे तकल्लुफ मिट गये
प्यार जब हद से बढ़ा सारे तकल्लुफ मिट गये
आप से फिर तुम हुए फिर तू का उनवाँ हो गये   
रफ्ता रफ्ता वो मेरे हस्ती का सामां हो गये
पहले जां फिर जाने जां फिर जाने जाना हो गये
रफ्ता रफ्ता वो मेरे हस्ती का सामां हो गये
हस्ती का सामां हो गये
हस्ती का सामां हो गये
 



ORIGINAL SONG LINK:

KARAOKE SONG LINK:


Thursday, April 13, 2023

वक़्त का ये परिंदा रुका है कहाँ मैं था पागल जो इसको बुलाता रहा चार पैसे कमाने मैं आया शहर गाँव मेरा मुझे याद आता रहा

वक़्त का ये परिंदा रुका है कहाँ
मैं था पागल जो इसको बुलाता रहा
चार पैसे कमाने मैं आया शहर
गाँव मेरा मुझे याद आता रहा
गाँव मेरा मुझे याद आता रहा
वक़्त का ये परिंदा रुका है कहाँ
मैं था पागल जो इसको बुलाता रहा
चार पैसे कमाने मैं आया शहर
गाँव मेरा मुझे याद आता रहा
गाँव मेरा मुझे याद आता रहा
वक़्त का ये परिंदा रुका है कहाँ
लौटता था मैं जब पाठशाला से घर
अपने हाथों से खाना खिलाती थी माँ
रात में अपनी ममता के आँचल तले
थपकीयाँ देके मुझको सुलाती थी माँ
सोच के दिल में एक टीस उठती रही
रात भर दर्द मुझको जगाता रहा
चार पैसे कमाने मैं आया शहर
गाँव मेरा मुझे याद आता रहा
गाँव मेरा मुझे याद आता रहा
वक़्त का ये परिंदा रुका है कहाँ
सबकी आँखों में आँसू छलक आए थे
जब रवाना हुआ था शहर के लिए
कुछ ने माँगी दुआएँ की मैं खुश रहूं
कुछ ने मंदिर में जाकर जलाए दिए
एक दिन मैं बनूंगा बड़ा आदमी
ये तसव्वुर उन्हें गुदगुदाता रहा
चार पैसे कमाने मैं आया शहर
गाँव मेरा मुझे याद आता रहा
गाँव मेरा मुझे याद आता रहा
वक़्त का ये परिंदा रुका है कहाँ
माँ ये लिखती है हर बार खत में मुझे
लौट आ मेरे बेटे तुझे है क़सम
तू गया जबसे परदेस बेचैन हूँ
नींद आती नहीं भूख लगती है कम
कितना चाहा ना रोऊँ मगर क्या करूँ
खत मेरी माँ का मुझको रुलाता रहा
चार पैसे कमाने मैं आया शहर
गाँव मेरा मुझे याद आता रहा
गाँव मेरा मुझे याद आता रहा
वक़्त का ये परिंदा रुका है कहाँ
मैं था पागल जो इसको बुलाता रहा
चार पैसे कमाने मैं आया शहर
गाँव मेरा मुझे याद आता रहा
गाँव मेरा मुझे याद आता रहा
गाँव मेरा मुझे याद आता रहा
गाँव मेरा मुझे याद आता रहा
 
 
SONG LINK:
https://www.youtube.com/watch?v=177AB3XnYUU
 

 
KARAOKE LINK:
https://youtu.be/V-zG9pOPGjM
 

Friday, February 24, 2023

खामोश लब हैं झुकी हैं पलकें दिलों में उल्फत नई नई है

खामोश लब हैं झुकी हैं पलकें दिलों में उल्फत नई नई है  
अभी तकल्लुफ है गुफ्तगू में अभी मोहब्बत नई नई है  
खामोश लब हैं झुकी हैं पलकें दिलों में उल्फत नई नई है  

अभी न आएगी नींद तुमको अभी न हमको सुकूं मिलेगा
अभी तो धड़केगा दिल ज्यादा अभी ये चाहत नई नई है  
खामोश लब हैं झुकी हैं पलकें दिलों में उल्फत नई नई है  

बहार का आज पहला दिन है चलो चमन में टहल के आएं
फजां में खुशबू नयी नयी है गुलों पे रंगत रंगत नई नई है  
खामोश लब हैं झुकी हैं पलकें दिलों में उल्फत नई नई है  

जो खानदानी रईस हैं वो मिजाज रखते हैं नरम अपना
तुम्हारा लहजा बता रहा है तुम्हारी दौलत नई नई है  
खामोश लब हैं झुकी हैं पलकें दिलों में उल्फत नई नई है  


जरा सा कुदरत ने क्या नवाजा कि आके बैठे हो पहली सफ में
अभी से उड़ने लगे हवा में अभी तो शोहरत नई नई है  
खामोशलब हैं झुकी हैं पलकें दिलों में उल्फत नई नई है  

बमों की बरसात हो रही है पुराने जांबाज़ सो रहे हैं
गुलाम दुनिया को कर रहा वो जिसकी ताकत नई नई है  
खामोश लब हैं झुकी हैं पलकें दिलों में उल्फत नई नई है  


SONG LINK:

KARAOKE LINK:


Tuesday, August 9, 2022

तू मेरी जिन्दगी है तू मेरी हर ख़ुशी है तू ही प्यर तू ही चाहत तू ही बन्दगी है

तू मेरी जिन्दगी है
तू मेरी जिन्दगी है तू मेरी हर ख़ुशी है
तू ही प्यर तू ही चाहत तू ही बन्दगी है
तू मेरी जिन्दगी है तू मेरी हर ख़ुशी है
तू मेरी जिन्दगी है तू मेरी हर ख़ुशी है
तू ही प्यर तू ही चाहत तू ही बन्दगी है
तू मेरी जिन्दगी है
जब तक न देखूं तुझे सूरज ना निकले
जब तक न देखूं तुझे सूरज ना निकले
जुल्फों के साए साए महताब उभरे
मेरे दिल में तू ही तू है तेरी रौशनी है
तू मेरी जिन्दगी है तू मेरी हर ख़ुशी है
तू ही प्यर तू ही चाहत तू ही बन्दगी है
तू मेरी जिन्दगी है
छोडके दुनिया तुझको अपना बना लूं
छोडके दुनिया तुझको अपना बना लूं
सबसे छुपके तुझको दिल में बसा लूं
तू ही दिल का होश साकी तू ही बेखुदी है
तू मेरी जिन्दगी है तू मेरी हर ख़ुशी है
तू ही प्यर तू ही चाहत तू ही बन्दगी है
तू मेरी जिन्दगी है
मेरे लबों पे तेरे लगमें मिलेंगे
मेरे लबों पे तेरे लगमें मिलेंगे
आँखों में साथी तेरे जलवे मिलेंगे
तू ही मेरी पहली ख्वाइश तू ही आखिरी है
तू मेरी जिन्दगी है, तू मेरी हर ख़ुशी है
तू ही प्यर तू ही चाहत तू ही बन्दगी है
तू मेरी जिन्दगी है





Thursday, August 4, 2022

मुझे तुम नज़र से गिरा तो रहे हो

मुझे तुम नज़र से गिरा तो रहे हो
मुझे तुम कभी भी भुला ना सकोगे

मुझे तुम नज़र से गिरा तो रहे हो
मुझे तुम कभी भी भुला ना सकोगे
ना जाने मुझे क्यूँ यकीं हो चला है
मेरे प्यार को तुम मिटा ना सकोगे
मुझे तुम नज़र से.....

मेरी याद होगी, जिधर जाओगे तुम
कभी नगमा बन के, कभी बन के आंसू
कभी नगमा बन के, कभी बन के आंसू
तडपता मुझे हर तरफ पाओगे तुम
शमा जो जलाई मेरी वफ़ा ने
बुझाना भी चाहों, बुझा ना सकोगे
मुझे तुम नज़र से.....

कभी नाम बातों में आया जो मेरा
तो बेचैन हो के दिल थाम लोगे
तो बेचैन हो के दिल थाम लोगे
निगाहों में छाएगा गम का अँधेरा

किसी ने जो पूछा, सबब आंसुओं का
बताना भी चाहों, बता ना सकोगे
मुझे तुम नज़र से.....

मेरे दिल कि धड़कन, बनी है जो शोला 
सुलगते हैं अरमां, यूं बन के आंशू 
कभी तो तुम्हे भी ये एहसास होगा 
मगर हम न होंगे, तेरी जिन्दगी में 
बुलाना भी चाहो, बुला न सकोगे 
मुझे तुम नज़र से गिरा तो रहे हो
मुझे तुम कभी भी भुला ना सकोगे
मुझे तुम नज़र से....


Sunday, July 31, 2022

चांदी जैसा रग है तेरा सोने जैसे बाल

 

चांदी जैसा रग है तेरा सोने जैसे बाल

एक तू ही धनवान है गोरी बाकी सब कंगाल

जिस रस्ते से तू गुजरे वो फूलों से भर जाये-2

तेरे पैर की कोमल आहट सोते भाग जगाये

जो पत्थर तो छू ले गोरी वो हीरा बन जाये

तू जिसको मिल जाये वो-2, हो जाये मालामाल

एक तू ही धनवान है गोरी बाकी सब कंगाल

जो बेरंग हैं उसपे क्या क्या रंग जमाते लोग-२  

तू नादान न जाने कैसे रूप चुराते लोग

नज़रें भर भर देखें तुझको आते जाते लोग

छैल छबीली रानी थोड़ा छैल छबीली रानी थोड़ा

घूघट और निकाल

इक तू ही धनवान है गोरी बाकी सब कंगाल

घनक घटा कलियाँ और तारे सब हैं तेरा रूप-२  

गज़लें हों या गीत हों मेरे सब में तेरा रूप

यूँ ही चमकती रहे हमेशा तेरे हुस्न की धूप

तुझे नज़र ना लगे किसी की -२

जिये हज़ारों साल

इक तू ही धनवान है गोरी बाकी सब कंगाल