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Thursday, August 4, 2022

मुझे तुम नज़र से गिरा तो रहे हो

मुझे तुम नज़र से गिरा तो रहे हो
मुझे तुम कभी भी भुला ना सकोगे

मुझे तुम नज़र से गिरा तो रहे हो
मुझे तुम कभी भी भुला ना सकोगे
ना जाने मुझे क्यूँ यकीं हो चला है
मेरे प्यार को तुम मिटा ना सकोगे
मुझे तुम नज़र से.....

मेरी याद होगी, जिधर जाओगे तुम
कभी नगमा बन के, कभी बन के आंसू
कभी नगमा बन के, कभी बन के आंसू
तडपता मुझे हर तरफ पाओगे तुम
शमा जो जलाई मेरी वफ़ा ने
बुझाना भी चाहों, बुझा ना सकोगे
मुझे तुम नज़र से.....

कभी नाम बातों में आया जो मेरा
तो बेचैन हो के दिल थाम लोगे
तो बेचैन हो के दिल थाम लोगे
निगाहों में छाएगा गम का अँधेरा

किसी ने जो पूछा, सबब आंसुओं का
बताना भी चाहों, बता ना सकोगे
मुझे तुम नज़र से.....

मेरे दिल कि धड़कन, बनी है जो शोला 
सुलगते हैं अरमां, यूं बन के आंशू 
कभी तो तुम्हे भी ये एहसास होगा 
मगर हम न होंगे, तेरी जिन्दगी में 
बुलाना भी चाहो, बुला न सकोगे 
मुझे तुम नज़र से गिरा तो रहे हो
मुझे तुम कभी भी भुला ना सकोगे
मुझे तुम नज़र से....