Friday, February 24, 2023
खामोश लब हैं झुकी हैं पलकें दिलों में उल्फत नई नई है
Tuesday, August 9, 2022
तू मेरी जिन्दगी है तू मेरी हर ख़ुशी है तू ही प्यर तू ही चाहत तू ही बन्दगी है
तू मेरी जिन्दगी है तू मेरी हर ख़ुशी है
तू ही प्यर तू ही चाहत तू ही बन्दगी है
तू मेरी जिन्दगी है तू मेरी हर ख़ुशी है
तू मेरी जिन्दगी है तू मेरी हर ख़ुशी है
तू ही प्यर तू ही चाहत तू ही बन्दगी है
तू मेरी जिन्दगी है
जब तक न देखूं तुझे सूरज ना निकले
जब तक न देखूं तुझे सूरज ना निकले
जुल्फों के साए साए महताब उभरे
मेरे दिल में तू ही तू है तेरी रौशनी है
तू मेरी जिन्दगी है तू मेरी हर ख़ुशी है
तू ही प्यर तू ही चाहत तू ही बन्दगी है
तू मेरी जिन्दगी है
छोडके दुनिया तुझको अपना बना लूं
छोडके दुनिया तुझको अपना बना लूं
सबसे छुपके तुझको दिल में बसा लूं
तू ही दिल का होश साकी तू ही बेखुदी है
तू मेरी जिन्दगी है तू मेरी हर ख़ुशी है
तू ही प्यर तू ही चाहत तू ही बन्दगी है
तू मेरी जिन्दगी है
मेरे लबों पे तेरे लगमें मिलेंगे
मेरे लबों पे तेरे लगमें मिलेंगे
आँखों में साथी तेरे जलवे मिलेंगे
तू ही मेरी पहली ख्वाइश तू ही आखिरी है
तू मेरी जिन्दगी है, तू मेरी हर ख़ुशी है
तू ही प्यर तू ही चाहत तू ही बन्दगी है
तू मेरी जिन्दगी है
Thursday, August 4, 2022
मुझे तुम नज़र से गिरा तो रहे हो
मुझे तुम कभी भी भुला ना सकोगे
मुझे तुम नज़र से गिरा तो रहे हो
मुझे तुम कभी भी भुला ना सकोगे
ना जाने मुझे क्यूँ यकीं हो चला है
मेरे प्यार को तुम मिटा ना सकोगे
मुझे तुम नज़र से.....
मेरी याद होगी,
जिधर जाओगे तुम
कभी नगमा बन के,
कभी बन के आंसू
कभी नगमा बन के,
कभी बन के आंसू
तडपता मुझे हर तरफ पाओगे तुम
शमा जो जलाई मेरी वफ़ा ने
बुझाना भी चाहों, बुझा ना सकोगे
मुझे तुम नज़र से.....
कभी नाम बातों में आया जो मेरा
तो बेचैन हो के दिल थाम लोगे
तो बेचैन हो के दिल थाम लोगे
निगाहों में छाएगा गम का अँधेरा
बताना भी चाहों, बता ना सकोगे
मुझे तुम नज़र से.....
Sunday, July 31, 2022
चांदी जैसा रग है तेरा सोने जैसे बाल
चांदी
जैसा रग है तेरा सोने जैसे बाल
एक
तू ही धनवान है गोरी बाकी सब कंगाल
जिस रस्ते से तू गुजरे वो
फूलों से भर जाये-2
तेरे
पैर की कोमल आहट सोते भाग जगाये
जो
पत्थर तो छू ले गोरी वो हीरा बन जाये
तू
जिसको मिल जाये वो-2,
हो जाये मालामाल
एक
तू ही धनवान है गोरी बाकी सब कंगाल
जो बेरंग हैं उसपे क्या क्या
रंग जमाते लोग-२
तू
नादान न जाने कैसे रूप चुराते लोग
नज़रें
भर भर देखें तुझको आते जाते लोग
छैल
छबीली रानी थोड़ा छैल छबीली रानी थोड़ा
घूघट
और निकाल
इक
तू ही धनवान है गोरी बाकी सब कंगाल
घनक घटा कलियाँ और तारे सब
हैं तेरा रूप-२
गज़लें
हों या गीत हों मेरे सब में तेरा रूप
यूँ
ही चमकती रहे हमेशा तेरे हुस्न की धूप
तुझे
नज़र ना लगे किसी की -२
जिये
हज़ारों साल
इक
तू ही धनवान है गोरी बाकी सब कंगाल
Tuesday, March 23, 2021
प्यार का पहला खत लिखने में
नये परिंदो को उड़ने में वक़्त तो लगता है
जिस्म की बात नही थी उनके दिल तक जाना था-2
लंबी दूरी तय करने में वक़्त तो लगता है-2
प्यार का पहला खत लिखने में वक़्त तो लगता है
गांठ अगर लग जाये तो फिर, रिश्ते हो या डोरी-2
लाख करे कोशिश खुलने में, वक़्त तो लगता है-2
प्यार का पहला खत लिखने में वक़्त तो लगता है
हमने इलाजे जख्म ए दिल तो ढूंढ लिया लेकिन-2
गहरे जख्मो को भरने में, वक़्त तो लगता है-2
प्यार का पहला खत लिखने में वक़्त तो लगता है
नये परिंदो को उड़ने में वक़्त तो लगता है
Friday, November 20, 2020
है जिन्दगी कितनी खुबसूरत
है जिन्दगी कितनी खुबसूरत-२ अभी उन्हें ये पता नहीं है-२
(जिन्हें अभी ये पता नही है )
कोई बहुत प्यार करने वाला-२ जिन्हें अभी तक मिला नहीं
है
है जिन्दगी...............................................................
हमे तो मतलब है सिर्फ तुमसे-२ हमारे दिल में बस तू ही
तू है-२
तुमसे मुहबत तुमसे शिकायत-२, और किसी से गिला नहीं है
है जिन्दगी कितनी खुबसूरत, अभी उन्हें ये पता नहीं है-२
मेरी निगाहों से दूर मत जा-२ सुकूने दिल बनके दिल में आ
जा-२
ये कह रही है हर एक धड़कन-२, तेरे बिना कुछ मज़ा नही है
है जिन्दगी कितनी खुबसूरत, अभी उन्हें ये पता नहीं है-२
कोई बहुत प्यार करने वाला-२ जिन्हें अभी तक मिला नहीं
है
है जिन्दगी...............................................................
चले जो आंधी वो तिनका तिनका-२ बिखर जाये आशियाँ गम नहीं
है-२
जो तोड़ दे मेरे होशलों को-२, अभी वो तूफां उठा नहीं है
है जिन्दगी कितनी खुबसूरत, जिन्हें अभी ये पता नही है
कोई बहुत प्यार करने वाला-२ जिन्हें अभी तक मिला नहीं
है
है जिन्दगी...............................................................
Monday, September 7, 2020
हम तो हैं परदेश मे audio के लिये
हम तो हैं परदेश मे, देश मे निकला होगा चांद-2
अपनी रात की छत पर कितना, तनहा होगा चांद होहम तो हैं परदेश मे, देश मे निकला होगा चांद
हम तो हैं परदेश मे
1 53
जिन आंखो मे काजल बनकर, तैरी काली रात (हो)-2
उन आंखो मे,आंसू का इक-2, कतरा होगा चांद हो
हम तो हैं परदेश मे, देश मे निकला होगा चांद
हम तो हैं परदेश मे
3 12
रात ने एसा पेंच लगाया, टूटी हाथ से डोर हो
रात ने एसा पेंच लगाया, टूटी हाथ से डोर
रात ने एसा पेंच लगाया, टूटी हाथ से डोर
आंगन वाले,नीम मे जाकर-2,अटका होगा चांद हो
हम तो हैं परदेश मे, देश मे निकला होगा चांद-2
अपनी रात की छत पर कितना, तनहा होगा चांद हो
हम तो हैं परदेश मे, देश मे निकला होगा चांद
हम तो हैं परदेश मे