तुमको देखा तो ये ख़याल आया
ज़िन्दगी धूप तुम घना साया
आज फिर दिल ने इक तमन्ना की
आज फिर दिल को हमने समझाया
ज़िंदगी धूप तुम...
तुम चले जाओगे तो सोचेंगे
हमने क्या खोया हमने क्या पाया
ज़िंदगी धूप तुम...
हम जिसे गुनगुना नहीं सकते
वक़्त ने ऐसा गीत क्यों गाया
ज़िंदगी धूप तुम...
ज़िन्दगी धूप तुम घना साया
आज फिर दिल ने इक तमन्ना की
आज फिर दिल को हमने समझाया
ज़िंदगी धूप तुम...
तुम चले जाओगे तो सोचेंगे
हमने क्या खोया हमने क्या पाया
ज़िंदगी धूप तुम...
हम जिसे गुनगुना नहीं सकते
वक़्त ने ऐसा गीत क्यों गाया
ज़िंदगी धूप तुम...
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