हम तो हैं परदेश मे, देश मे निकला होगा चांद-2
अपनी रात की छत पर कितना, तनहा होगा चांद होहम तो हैं परदेश मे, देश मे निकला होगा चांद
हम तो हैं परदेश मे
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जिन आंखो मे काजल बनकर, तैरी काली रात (हो)-2
उन आंखो मे,आंसू का इक-2, कतरा होगा चांद हो
हम तो हैं परदेश मे, देश मे निकला होगा चांद
हम तो हैं परदेश मे
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रात ने एसा पेंच लगाया, टूटी हाथ से डोर हो
रात ने एसा पेंच लगाया, टूटी हाथ से डोर
रात ने एसा पेंच लगाया, टूटी हाथ से डोर
आंगन वाले,नीम मे जाकर-2,अटका होगा चांद हो
हम तो हैं परदेश मे, देश मे निकला होगा चांद-2
अपनी रात की छत पर कितना, तनहा होगा चांद हो
हम तो हैं परदेश मे, देश मे निकला होगा चांद
हम तो हैं परदेश मे