है जिन्दगी कितनी खुबसूरत-२ अभी उन्हें ये पता नहीं है-२
Friday, November 20, 2020
है जिन्दगी कितनी खुबसूरत
(जिन्हें अभी ये पता नही है )
कोई बहुत प्यार करने वाला-२ जिन्हें अभी तक मिला नहीं
है
है जिन्दगी...............................................................
हमे तो मतलब है सिर्फ तुमसे-२ हमारे दिल में बस तू ही
तू है-२
तुमसे मुहबत तुमसे शिकायत-२, और किसी से गिला नहीं है
है जिन्दगी कितनी खुबसूरत, अभी उन्हें ये पता नहीं है-२
मेरी निगाहों से दूर मत जा-२ सुकूने दिल बनके दिल में आ
जा-२
ये कह रही है हर एक धड़कन-२, तेरे बिना कुछ मज़ा नही है
है जिन्दगी कितनी खुबसूरत, अभी उन्हें ये पता नहीं है-२
कोई बहुत प्यार करने वाला-२ जिन्हें अभी तक मिला नहीं
है
है जिन्दगी...............................................................
चले जो आंधी वो तिनका तिनका-२ बिखर जाये आशियाँ गम नहीं
है-२
जो तोड़ दे मेरे होशलों को-२, अभी वो तूफां उठा नहीं है
है जिन्दगी कितनी खुबसूरत, जिन्हें अभी ये पता नही है
कोई बहुत प्यार करने वाला-२ जिन्हें अभी तक मिला नहीं
है
है जिन्दगी...............................................................
Monday, September 7, 2020
हम तो हैं परदेश मे audio के लिये
हम तो हैं परदेश मे, देश मे निकला होगा चांद-2
अपनी रात की छत पर कितना, तनहा होगा चांद होहम तो हैं परदेश मे, देश मे निकला होगा चांद
हम तो हैं परदेश मे
1 53
जिन आंखो मे काजल बनकर, तैरी काली रात (हो)-2
उन आंखो मे,आंसू का इक-2, कतरा होगा चांद हो
हम तो हैं परदेश मे, देश मे निकला होगा चांद
हम तो हैं परदेश मे
3 12
रात ने एसा पेंच लगाया, टूटी हाथ से डोर हो
रात ने एसा पेंच लगाया, टूटी हाथ से डोर
रात ने एसा पेंच लगाया, टूटी हाथ से डोर
आंगन वाले,नीम मे जाकर-2,अटका होगा चांद हो
हम तो हैं परदेश मे, देश मे निकला होगा चांद-2
अपनी रात की छत पर कितना, तनहा होगा चांद हो
हम तो हैं परदेश मे, देश मे निकला होगा चांद
हम तो हैं परदेश मे
Friday, August 28, 2020
हम तो हैं परदेश मे, देश मे निकला होगा चांद
हम तो हैं परदेश मे, देश मे निकला होगा चांद-2अपनी रात की छत पर कितना, तनहा होगा चांद हो
हम तो हैं परदेश मे, देश मे निकला होगा चांदजिन आंखो मे काजल बनकर, तैरी काली रात (हो)-2
उन आंखो मे,आंसू का इक, कतरा होगा चांद हो
हम तो............
रात ने एसा पेंच लगाया, टूटी हाथ से डोर (हो)-2
आंगन वाले,नीम मे जाकर,अटका होगा चांद हो
हम तो............
चांद बिना हर दिन यूं बीता,जैसे युग बीते हों -2
मेरे बिना किस, हाल मे होगा,कैसा होगा चांद हो
हम तो हैं परदेश मे, देश मे निकला होगा चांद
अपनी रात की छत पर कितना, तनहा होगा चांद हो
हम तो हैं परदेश मे, देश मे निकला होगा चांद
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